संतुलन – राकेश रोहित


लड़की के पांव में जन्म से कुछ लंगड़ापन था. डॉक्टर ने कहा – ठीक हो सकता है, पर खर्च काफी होगा. पिता ने कुछ सोचा, घर के अर्थ-संतुलन के बारे में और धूम-धाम से उसकी शादी कर दी. शादी तो करनी ही थी. अब लड़के वाले पांव का इलाज खुद करवा लेंगे.

एक दिन लड़की चूल्हे के पास अपना संतुलन  संभाल न सकने के कारण गिर पड़ी और…. ooo

2 विचार “संतुलन – राकेश रोहित&rdquo पर;

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s