खुशबू – राकेश रोहित


“मुझे कल गांव जाना होगा,” मैंने अपनी पत्नी को सूचना दी.

“क्यों ? अभी पिछले सप्ताह तो गए थे.”

“हां, पत्रिका के कवर के लिए फूलों के कुछ स्नैप – शॉट लेने हैं.”

“तो, फूलों के लिए गांव जाओगे! मिस डिसूजा के पास तो एक-से-एक प्लास्टिक के फूल हैं – बिल्कुल असली दीखते हैं.”

“हां ठीक ही तो है, तस्वीर से कौन-सी खुशबू आनी है.”- मैंने खुद को समझाया जैसे. ooo

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